सेप्टिक टैंक की सफाई खुद करना कितना खतरनाक हो सकता है?

सेप्टिक टैंक सफाई

टैंक से बदबू आने लगे या ढक्कन खोलते ही अंदर पानी भरा दिखे, तो सबसे पहला ख्याल यही आता है, क्यों न खुद ही सफाई कर ली जाए। कुछ लोग यूट्यूब पर वीडियो देखकर टैंक के अंदर तक उतरने की कोशिश भी कर लेते हैं।

यहीं पर असली दिक्कत शुरू होती है। सेप्टिक टैंक कोई सामान्य टंकी नहीं है। इसके अंदर का माहौल इंसानों के लिए बना ही नहीं है, और यही वजह है कि हर साल टैंक के अंदर उतरने की कोशिश में लोगों की जान तक चली जाती है।

टैंक के अंदर की गैस असली खतरा है

टैंक के अंदर कचरा लगातार सड़ता रहता है, और इस प्रक्रिया में मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसें बनती हैं। हाइड्रोजन सल्फाइड की वही सड़े अंडे जैसी गंध होती है, जो थोड़ी मात्रा में सिर्फ परेशान करती है, लेकिन ज्यादा मात्रा में सूंघने की क्षमता को ही खत्म कर सकती है। इसका मतलब यह भी है कि गैस बढ़ने पर आपको इसका एहसास तक नहीं होगा।

मीथेन जलनशील है, और बंद जगह में जमा होने पर आग या धमाके का खतरा भी बना रहता है। यही कारण है कि टैंक के आसपास कभी माचिस, सिगरेट या किसी भी तरह की चिंगारी नहीं होनी चाहिए।

यह कोई दूर की बात नहीं है। दिल्ली के मुंडका में एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई थी, बिना किसी सुरक्षा उपकरण के। एक मजदूर टैंक में फिसल गया था, और उसे बचाने के लिए उतरे बाकी दोनों की भी जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई। इसके बाद फैक्ट्री मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

बंद जगह में ऑक्सीजन की कमी

टैंक के अंदर ऑक्सीजन का स्तर पहले से ही बहुत कम होता है। जब कोई इंसान बिना सही उपकरण के अंदर उतरता है, तो कुछ ही सांसों में बेहोश हो सकता है। सबसे डरावनी बात यह है कि अक्सर एक इंसान को बचाने के लिए उतरने वाला दूसरा व्यक्ति भी उसी वजह से बेहोश हो जाता है, ठीक जैसा ऊपर वाले मामले में हुआ। यही कारण है कि टैंक की सफाई करने वाली कंपनियां हमेशा गैस डिटेक्टर, सांस लेने के उपकरण और पूरी टीम के साथ काम करती हैं, अकेले नहीं।

गलत केमिकल डालना भी नुकसान करता है

कई घरों में टैंक भरा हुआ लगे तो लोग सीधे ब्लीच, एसिड बेस्ड क्लीनर या भारी मात्रा में डिटर्जेंट टैंक में डाल देते हैं। इससे सफाई तो नहीं होती, उल्टा टैंक के अंदर मौजूद वह बैक्टीरिया मर जाता है जो कचरे को तोड़ने का असली काम करता है। नतीजा यह होता है कि गाद और भी तेजी से जमने लगती है, बदबू बढ़ जाती है, और टैंक की उम्र भी कम हो जाती है। हमने इस बारे में सेप्टिक टैंक की सफाई में होने वाली सबसे आम गलतियां में भी विस्तार से बताया है।

असली सफाई क्या होती है

टैंक की असली सफाई का मतलब है, पंपिंग ट्रक के जरिए अंदर जमी गाद और मैल को बाहर निकालना। यह काम सिर्फ लाइसेंस प्राप्त कंपनी ही कर सकती है, क्योंकि इसके लिए खास वैक्यूम उपकरण चाहिए और निकाले गए कचरे को नियमों के मुताबिक ठिकाने लगाना भी जरूरी होता है। घर पर बाल्टी, रस्सी या किसी घरेलू जुगाड़ से यह काम करना न सिर्फ नाकाफी है, बल्कि सीधा जान को खतरे में डालने जैसा है।

घर पर आप क्या कर सकते हैं

टैंक के अंदर उतरे बिना भी आप उसकी सेहत का काफी हद तक ध्यान रख सकते हैं। महीने में एक बार BioClean Septic Tank Cleaning Powder डालने से टैंक के अंदर का बैक्टीरिया बना रहता है, जिससे कचरा टूटता रहता है और गाद उतनी तेजी से नहीं जमती। इससे न सिर्फ बदबू कम होती है, बल्कि पंपिंग की जरूरत भी कम बार पड़ती है। कितनी मात्रा इस्तेमाल करनी है, यह जानने के लिए आप डोसेज कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अगर गाद पहले से ही ज्यादा जमी हुई लगती है, तो हमारी सेप्टिक टैंक में गाद जमने की समस्या वाली पोस्ट में इसके कारण और बचाव के तरीके भी बताए गए हैं।

कब प्रोफेशनल को बुलाना जरूरी है

अगर टैंक से लगातार बदबू आ रही है, नालियां धीरे बह रही हैं, या टैंक के आसपास की जमीन गीली और असामान्य रूप से हरी दिख रही है, तो यह साफ संकेत है कि पंपिंग का समय आ गया है। ऐसे में देर करने से समस्या और बड़ी हो सकती है।

आखिरी बात

टैंक की सफाई एक ऐसा काम है जिसमें जोखिम उठाने की कोई जरूरत नहीं है। नियमित मेंटेनेंस से आप ज्यादातर दिक्कतों को शुरू में ही रोक सकते हैं, और जब असली सफाई की जरूरत पड़े, तो यह काम हमेशा किसी लाइसेंस प्राप्त पेशेवर से ही करवाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सेप्टिक टैंक कैसे साफ किया जाता है?
लाइसेंस प्राप्त कंपनी वैक्यूम पंपिंग ट्रक के जरिए टैंक के अंदर जमी गाद, मैल और तरल कचरा बाहर निकालती है। इसके बाद कचरे को नियमों के मुताबिक तय जगह पर ठिकाने लगाया जाता है।

सेप्टिक टैंक के क्या नुकसान हैं?
अगर टैंक की सही देखभाल न हो, तो गाद जमने से ओवरफ्लो, सीवेज बैकअप, बदबू और आसपास की मिट्टी व पानी के दूषित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय पर पंपिंग और सही मेंटेनेंस से इन्हें काफी हद तक रोका जा सकता है।

सेप्टिक टैंक में कौन सी जहरीली गैस होती है?
टैंक के अंदर मुख्य रूप से मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड गैस बनती है। हाइड्रोजन सल्फाइड ज्यादा मात्रा में सांस लेने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि मीथेन जलनशील होने के कारण आग का खतरा बढ़ाती है।

सेप्टिक टैंक साफ करने में कितना खर्च आता है?
यह टैंक के आकार, जगह और गाद की मात्रा पर निर्भर करता है। सटीक अनुमान के लिए अपने इलाके की लाइसेंस प्राप्त सेप्टिक सर्विस से संपर्क करना सबसे सही तरीका है।

क्या मैं खुद अपने सेप्टिक टैंक की सफाई कर सकता हूं?
टैंक के ढक्कन के आसपास की सामान्य सफाई तो की जा सकती है, लेकिन टैंक के अंदर उतरना या पंपिंग खुद करना बेहद खतरनाक है। जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी की वजह से यह काम हमेशा किसी प्रशिक्षित पेशेवर से ही करवाना चाहिए।

 

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